Saturday, June 30, 2018

मेरी गंगा यात्रा भाग-55

मेरी गंगा यात्रा भाग-55
एक प्रयास गंगा बचे
मित्रों आज हम गंगा बचे इस का संकल्प ले चुके हैं आज कहि न कही गंगा को बचाने का मुहिम नजर आ ही जाता हैं  इसका मतलब है कि समाज मे गंगा बचे इसको लेकर इच्छा शक्ति है पर वह पूरी तरह से सकारात्मक नही है कहि न कही जाग्रत इच्छा शक्ति पर नकारात्मक सोच अधिक है , गंगा प्रदूषण को लेकर 125 करोड़ भारतीय भी नकारात्मक सोच रखते हैं और यही कायर मन की नकारात्मकता संकल्प शक्ति को कमजोर करता हैं यह निश्चित है कि गंगा प्रदूषण मुक्त होगी यह मेरी जाग्रत इच्छा शक्ति है हम अपने जीते जी गंगा को प्रदूषण मुक्त देखेंगे, चिंता नही बस चिंतन हो,मित्रों सरकारी आंकड़ों के अनुसार हिंदुओं द्वारा पवित्र मानी जाने वाली गंगानदी में बीस लाख लोग रोजाना धार्मिक स्नान करते हैं। और महाकुंभ पर्व पर यह संख्या 5 करोड़  पहुँच जाती हैं बस यह सभी सकरात्मक सोच ले आये गंगा और अन्य सभी नदिया प्रदूषण मुक्त होंगी, जैसा कि हम सभी जानते है हिन्दू धर्म में कहा जाता है कि यह नदी भगवान विष्णु के कमल चरणों से (वैष्णवों की मान्यता) अथवा शिव की जटाओं से (शैवों की मान्यता) बहती है। गंगा जी की आध्यात्मिक और धार्मिक महत्व की तुलना प्राचीन मिस्र वासियों के लिए नील नदी के महत्त्व से की जा सकती है। पर जबकि गंगा जी को पवित्र और मोक्ष दायनी माना जाता है, वहीं पारिस्थितिकी तंत्र से संबंधित इसकी कुछ समस्याएं भी हैं। बढ़ती जनसंख्या ने आज गंगा की हालत बतर कर दी हैं वही सरकारी तंत्र की अनदेखी  नाश को सत्यानाश करती हैं 70 वर्ष से अधिक हो गये आजादी को पर गंगा और अन्य नदियों प्रदूषण से आजाद नही हुई, सभी जानते और चाहते है कि गंगा प्रदूषण मुक्त हो पर करे कोई और,..? हर कोई यही कहता हैं उसको देखो कोई स्वयं को नही देखता, कि वह भी गंगा का दोषी हैं लापरवाही की हद तब होती हैं जब इसके किनारों पर सरकार ने स्वयं ही प्रदूषित इकाइयों को बसा दिया उधोगपति सरकार पर प्रतिरोपण करती हैं सरकार उधोगपतियो पर, यहां आवश्यक है सही सोच और इच्छा शक्ति की,कि नही हम प्रयास करेंगे, यह मेरी जिम्मेदारी हैं हम नदियों मे इस रासायनिक कचरे, नाली के पानी और मानव व पशुओं की लाशों के अवशेषों को नही जाने देंगे,गंगा पावन हैं और रहेगी, थोड़ा ही सही प्रयास होगा सब जा साथ होगा जब संकल्प से देश स्वतन्त्र हो सकता है तो गंगा जी प्रदूषण से मुक्त क्यों नही हो सकती,

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