Tuesday, June 5, 2018

मेरी गङ्गा यात्रा भाग-37

इक प्रयास मेरी गंगा यात्रा भाग-37
मित्रों कल किसी मित्र ने प्रश्न किया कि स्वामी जी ये गंगा यात्रा क्या है  कुछ देर मैं भी समजस मे पड़ गया कि क्या उत्तर दू! ये मेरी यात्रा है या गंगा जी की.? अगर अपनी बात करूं तो फिर प्रश्न उठै गा हमारा क्या नाता है यहाँ अगर ये मेरी यात्रा है तो गङ्गा जी कुयू.? सम्बन्ध की बात करें तो कोई नही है जो हिंदुस्तानी हो और गंगा जी को माँ न मानता हो यही नाता है हजारो वर्षा से भारत के जन मानस की दैहिक व आत्मिक प्यास को बुझाने वाली दैवीय शक्ति है गंगा, जिन्हों ने जीव जगत के कल्याण के लिये धरा पर अवतरण लिया भगीरथ के पूर्वजो से लेकर आज तक सभी का उद्धार करने वाली माँ है गङ्गे, और हम उस बच्चे की तरह जो माँ के आंचल मे मूत्र और मल करने से भी परेहज नही करता,माँ को देख कर एक शब्द ही कहता हैं फिर क्या हुआ! शायद ये उसका अधिकार है पर वही मा परेशान हो तो.?बच्चे मुँह छुपा लेता हैं क्यो.? आज से मैं मन की बात और गंगा के लिये किये हल्के प्रयासों पर भी नजर डालूँगा, हाँ मुझे उन लोगो से नफ़रत है जो एक ही बात कह कर अपनी जिम्मेदारी से बचना चाहते हैं वह सदैव एक ही बात कहते हैं गंगा जी को कोई अपवित्र नही कर सकता है वह सबके पाप धोने आई हैं वह तो पाप नाशनि है तुम्हारी माँ की, क्या ऐसा अपने परिवार की देख भाल करते हुए कहा .? क्यू सांप सूंघ गया गङ्गा पवित्र थी है पवित्र है रहे गी पर यहाँ समस्या गंगा की जल धारा के मिटने और प्रदूषित होने की है यदि कुछ नही कर सकते तो चुपचाप भंडारा, लँगर, समष्टि खाओ
आज गंगा अपने सफर के 85% भाग मे प्रदूषण के हाई अलर्ट को पार कर चुकी हैं प्रदूषण की मात्र 1400, से लेकर 3.5 लाख तक पहुच गई हैं आज गंगा जी नाम विश्व की सबसे प्रदूषित नदियों मे शामिल है दिल पे हाथ रखकर कहै आपको आपके जन्म देने वाली माता की कसम शर्म आ रही हैं किसी को आये या न आये हमें आती है इसी लिये है मेरी गंगा यात्रा मित्र ये उनके लिये जवाब जो जानना चाहते हैं क्यों गङ्गा यात्रा,....
केवल ये कहने या सोचे से की गंगा पाप नाशनि हैं हमारा कर्तव्य समाप्त नही होता यहाँ से आरम्भ होता है कैसे गंगा जी पाप नाशनि बनी रहे उनकी जलधारा प्रदूषण मुक्त रहे गंगा बिना विलम्ब कलकल बहती रहे विकास हो पर विकास के नाम पर गंगा आदि नदियां का विनाश क्यू..? कुछ लोगो मे गंगा से अधिक नेताओ की चापलूसी और अंधभक्ति का चश्मा है उन्हें बता दू फोटो पूरानी है पर समस्या उससे पुरानी हैं फोटो पल मे बदल जायेगी अपने उन आकाओ से कहै की वह गंगा की तस्वीर बदले
तस्वीरे खुद बा खुद बदल जायेगी, जब वहाँ की तक़दीरै बदल जायेगी हिन्दुराष्ट्र का सपना हमने भी देखा है पर तीन ग को बचाये बिना कोई सपना पूरा नही हो सकता
शेष कल.....

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