Tuesday, June 5, 2018

मेरी गङ्गा यात्रा भाग-30

मेरी गंगा यात्राभाग-30
मित्रों आज समय के साथ आगे बढ़ते हुए 30 वे पड़ाव पर आ गये है कितने भाइयो को अच्छा लगा कितनो को नही कुछ की भावनाओं को ठेस भी लगी होगी जो राजनीति से प्रेरित होंगे या गंगा जी के नाम पर चन्दा का धन्धा करते होंगे, फिर भी सभी से क्षमा चाहता हुँ मैं गंगा की व्यथा को  सोशल मीडिया के मध्य से सामान्य जन तक पहुँचना चाहता हूँ  किसी के ह्रदय को दुखाना मेरी मंशा नही है केवल गंगा,गंगा नाम कैवलम, इतना ही मंशा हैं कुछ 20 वर्ष से मैंने गंगा के अंदर गिरने वाले नालो पर ट्रीटमेंट प्लांट और गंगा बाई पास , या सीवरेज सिस्टम की बात की थी तथा गंगा के समीप वाले उद्योगो के लिये वाटर फिल्टर प्लांट अनिवार्य की बात कही थी जिसके बिना हरगिज़ नदियों नही बचाई जा सकती, जो बात हम 20 वर्षों से कह रहे थे वही बात वाटर रिवाइव नाम की एक और इस्राएली बायो इंजीनियरिंग कंपनी भी कहती हैं वह भी गंगा सफाई योजना में हाथ आजमाना चाहती थी  कंपनी के पानी विशेषज्ञ लिमोर ग्रुबेर कहते हैं कि गंगा को बचाने के लिए कई बाईपास भी बनाने होंगे. इन बाइपासों के जरिए घरेलू और औद्योगिक कचरे को नदी में गिरने से रोका जा सकता है यदि गंदा पानी गंगानदी में नहीं गिरेगा तो गंगाजी खुद भी साफ होने लगेगी. उसका पानी पीने लायक हो जाएगा. बाईपास सिस्टम की मदद से इस्राएल की यारकोन नदी को साफ करने में कामयाबी मिली हैं कम्पनी की माने तो  यारकोन नदी के लिए 80 बाईपास बनाए गए.यह कोई नई बात नही है हमने भी नदियों के बाढ़ नियंत्रण के लिये जगह जगह बाई पास बनाये हैं जो आज नाले का रूप हैं जिसे बाढ़ नियंत्रण विभाग समय समय मे साफ करता हैं हमारी नदियों पर लगभग ही ऐसी व्यवस्था हैं कुछ का ही नव निर्माण करना होगा यह बाई पास दोनों काम कर सकते है बाढ़ नियंत्रण और शहरी मल व्यवस्था को दरुस्त, चाहै तो बाढ़ के पानी को सँजोकर भी रखा जा सकता हैं जो 90% व्यर्थ समुद्र मे बह जाता हैं इस पानी का उपयोग सूखाग्रस्त क्षेत्र मे भी किया जा सकता हैं एक ही बाण से कई शिकार हो सकते है ग्रुबेर कहते हैं, “एक तरफ यह विकसित मार्ग है और दूसरी तरफ यह प्राकृतिक और बिना रख रखाव वाली तकनीक है. एक तरफ अति शुक्ल की सलाह है वही भारत के चितंक निशुल्क परामर्श देते ओर यदि सरकार को धन का अभाव है तो विदेशी लोगों से भीख के बजाये  यही निगाह करें,भारत के नागरिक इसके के लिये समर्थवान हैं बस जो हो साथर्क हो सच्चाई पूर्वक हो सब सम्भव है ,बस करने की आवश्यकता है

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