Tuesday, June 5, 2018

मेरी गङ्गा यात्रा भाग-33

इक प्रयास मेरी गंगा यात्रा भाग-33
मित्रों पीछे कुछ दिन हमने गंगा जी सानिध्य मे बिताये, सच ऐसा आनन्द था मानो स्वर्ग का सुख धरती पर ही हो गया हो आनन्द नही मेरे लिये ये महाआनंद ही हैं मेरा गंगा जी से असीम प्रेम व आस्था है बहुत कुछ देखा,
बदल कर भेस फ़कीरी का,.....
आस्था के नाम पर गंगा जी का अपमान भी देखा, शनि अमावस्या पर लाखों की भीड़ पर न कोई चिंतन, न दर्द समझने की पीड़,गंगा की आरती करते रहिस महात्मा जो गद्दों पर विराजमान हो गंगा मे लुफ्त लेते देखै, 5 हजार का जुर्माना पर कोई सरकारी अधिकारी न देखा जो ह्रदय से प्रयास कर रहा हो प्लास्टिक पन्नी अतरंग वस्त्र सब गंगा मे देखै, ऋषिकेष की कार पार्किंग भी देखी जो हिंदुस्तान की सबसे महंगी पार्किंग है 150 रुपये का चार्ज भी देखा उमा जी का प्रैस स्टेटमेंट भी देखा 2018 तक गंगा प्रदूषण मुक्त होगी, पर ये मात्र छलावा ही हैं देशी लोगो को गन्द मचाते, विदेशी लोंगो की गंगा जी मे सच्ची आस्था भी देखी, 14 अरब की आर्थिक सहयोग का तमाशा भी देखा,प्रदूषण युक्त गंगा पर आस्था से कलकल कर करती देखी, उमा जी गंगा कार्ययोजना 1985 से चल रही है ताकि गंगा नदी के आस-पास होने वाली प्रदूषण बढाने वाली गतिविधियों की रोकथाम की जा सके। उल्‍लेखनीय है कि सीवर, सीवर के पानी को साफ करने वाले संयंत्रों, कम लागत के स्‍वच्‍छता कार्य, श्‍मशान घाटों के कारण गंगा में प्रदूषण बढता है। विभिन्‍न प्रदूषण बढ़ाने वाली गतिविधियों से निपटने के लिए 1441.44 करोड़ रूपये इस मद में जारी किए गये थे आप बताइये आप ने कितना मद जारी किया या विश्व बैंकों से आने वाली मद पर ही निगाह है.?

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