मेरी गंगा यात्रा भाग-51
इक प्रयास गंगा बचे
मित्रो याद होगा जब केंद्र सरकार ने मा.उमा भारती जी का पुलिंदा बाँधा, पिछले भाग मे आपने पढ़ा ही होगा हमने उमा जी कार्य शैली पर प्रकाश डाला था किस तरह वह 2018 तक गंगा प्रदूषण मुक्ति की बात करती थी जो कि असम्भव हैं, हमने पहले ही कहा इस काम मे कम से कम 20 वर्ष लगेंगे,उमा जी से गंगा को बचाने का भार व मंत्रालय छीन लिया गया और नितिन गड़गड़ी को दिया तब 2018 मे केंद्र सरकार ने मार्च 2019 तक गंगा नदी के 80 फीसदी तक साफ हो जाने का भरोसा जताया था। फिर मोदी सरकार हवा मे बात करने लगी,आज 6माह भी बीत गये, क्या परिणाम हुआ..? केंद्रीय जल संसाधन मंत्री नितिन गडकरी ने गंगा की सफाई के लिए पिछले 4 साल में किए गए कार्यों का ब्योरा देते हुए बताया कि गंगा को प्रदूषित कर रहे 251 उद्योगों को बंद किया जा चुका है और 938 उद्योगों से निकलने वाले प्रदूषण की रीयल टाइम मॉनिटरिंग की जा रही है। इसके साथ ही गंगा के पूरे मार्ग में ऐसे 211 बड़े नालों की पहचान की गई है, अभी पहचान ही हुई हैं.? फिर कैसे अगले 6माह मे सब काम पूरे होंगे,खैर अभी211 नालो की पहचान ही हुई हैं जो इस गंगा को प्रदूषित कर रहे हैं।साहब हमसे बात करते यह सब काम हमने पहले ही किये हुए है आपका समय बचता, 4 वर्ष लग गये,फिर आप चुनाव मे लग जायेगे,पिछले कई वर्षों इस पर हम काम कर रहे है इस मीटिंग मे पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री उमा भारती ने कहा कि गंगा किनारे के 4,470 गांवों को खुले में शौच की समस्या से मुक्त करा लिया गया है। सच..? कृपया एक बार रिषिकेश से हरिद्वार ही देख ले, दोनों ओर के घाट मल से भरे है उमा जी कहै तो ताजी ताजी भेजे फोटो..? उल्लेखनीय है कि बीजेपी ने वर्ष 2014 के चुनावों में गंगा को अगले 5 वर्षो में प्रदूषण मुक्त करने का वादा किया गया था। सरकार अब इस कोशिश में है कि अगले साल होने वाले चुनावों से पहले गंगा को ज्यादा से ज्यादा साफ कर दिया जाए। क्या चुनाव से पहले पहले 2 हजार करोड़ साफ कर दिये जाये..? मान्य गडकरी ने बताया कि गंगा को साफ करने के 'नमामि गंगे मिशन' के तहत अब तक 195 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई थी । इसमें सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स बनाने और सीवर लाइनें डालने के साथ ही शवदाह गृहों का निर्माण भी शामिल है। क्या नितिन जी बतायेंगे की कितना काम पूरा हुआ,..?4 वर्षों मे, इसमें से 24 परियोजनाओं का काम पूरा हो गया है। कृपया यह भी बता दे वह कौन कौन सी परियोजनाये हैं ..? इसके साथ ही घाटों के सौन्दर्यीकरण का काम भी किया जा रहा है। हा कुछ को देख था जो आधे अधूरे हैं हरिद्वार के परमानन्द घाट के पार देखै..? सब नजर आ जायेगा या कुछ के पत्थर और लोहा लंगड़ को कंगले उखाड़ कर ले गये उमा भारती ने बताया था कि जिन गांवों को खुले में शौच की समस्या से मुक्त किया गया है, उन्हें अब प्लास्टिक मुक्त बनाने की मुहिम चलाई जा रही है। उमा जी समय समय पर दौरा करती हैं उन गाँव का ..? अब जरूर जायेगा, मोतियाबिंद ठीक हो जायेगा, कुछ नही बदला,गंगा किनारे औषधीय पौधे लगाने का काम भी किया जा रहा है। पर दूसरी ओर विकास के नाम पर और हाईवे के नाम पर लाखों पेड बलि चढ़ गये,दिल्ली हरिद्वार मार्ग को कुम्भ मेला 2010 तक बनना था क्या हुआ वह आज तक अधूरा हैं आज आठ वर्ष हो गये,जो सरकारे 100 किलोमीटर का हाइवे नही बना पाई वह 2500 किलोमीटर लगभग गंगा को प्रदूषण मुक्त करने की बात करती हैं गडकरी जी ने कहा था कि उत्तराखंड में गंगा को साफ रखने के लिए 31 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई हैं, जिनमें से 18 का काम पूरा हो गया है। कोई गंगा पुत्र बताये क्या क्या हुआ
2014 से अब तक हुआ तो बस टूरिज्म के नाम पर गंगा और उत्तराखंड के पहाड़ी कस्बों का नाश, साहब हो सके तो गंगा को मुक्त करै अविरल बहने दे इसी मे भारतीयों की सच्ची भलाई हैं आपके और जिनके भी मन मे गङ्गा जी को बचाने का ख्याल हैं माँ गंगा उन पर कृपा करें
Monday, June 25, 2018
मेरी गंगा यात्रा भाग-51
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