मेरी गंगा यात्रा भाग-29
2.9 अरब लीटर गन्दा पानी गंगा जी मे बहता है यह माननीय मोदी ने भी माना है मित्रो यह कोई छोटी बात नही है किसी भी नदी का अस्तित्व मिटाने के लिये काफी है और यहाँ तो लक्ष्य सँस्कृति को मिटाने का था 1 करोड़ से अधिक महात्माओ के होते वह ऐसी साजिश कर सकते हैं क्योंकि हम संगठित नही है हमारा जातीय आधार, अनेक सम्प्रदाय का होना, आपस मे द्वंद्व इसका कारण है मोदी जी ने सता मे आते ही यह लक्ष्य बनाया था कि 2020 तक, यानी आठ साल के भीतर गंगा में शहरी और औद्योगिक नाले न गिरें. पर अभी तक कोई पत्ता भी नही हिला या मोदी जी यहाँ अति उत्साहित थे जो भूल गये, या वह अनुभव हीन है जो सही समय का आकलन नही कर पाये, या उन्हें पता है 2019 मे फिर चुनाव है और गंगा तो मुख्य मुद्दा है या क्या पता ऊंट किस और करवट ले, पर मुझे लगता हैं सत्ता पक्ष मे अनुभव कमी है जो प्रतिदिन अपना बयान बदलते हैं मोदी 2019 का लक्ष्य रखते उमा जी दो वर्ष का समय कहती हैं लक्ष्य 2018 पर नजर कुछ नही आता वहीं इस्राएल न्यू टेक कम्पनी के प्रमुख ओडेड डिस्टेल कहते हैं कि गंगा की सफाई में 20 से ज्यादा साल लगेंगे.यह है यही मापदण्ड, जी हाँ यदि बिना किसी अड़चन के काम हो तब भी 20 वर्ष लगभग लगेंगे, इससे कम समय नही लग सकता 2.9 अरब लीटर पानी को साफ करना ,रोकना, यह हवा बाजी नही है वह भी यदि मन से पवित्रता से संकल्प लेकर लक्ष्यबद्ध होकर हो वह मानते हैं, “गंगा स्वछता एक बड़ी योजना है. इसमें तकनीक का मामला है, दूषित पानी को साफ करने, पानी का प्रबंधन और सिंचाई का विषय भी है.”गंगा की मौजूदा हालत के बारे में इस्राएली अधिकारी कि मानै तो फिलहाल गर्मियों में, “यह एक जिंदा नदी के बजाए एक गंदे पानी की नहर लगती है.” सही ही हैं आज की गंगा दुनियाभर की प्रदूषित नदियों मे सबसे ऊपर है यही है कोई गंगा नायक ही भगीरथ बन गंगा पावन करेगा
Tuesday, June 5, 2018
मेरी गङ्गा यात्रा भाग-29
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