Monday, June 18, 2018

मेरी गंगा यात्रा भाग-47

मेरी गंगा यात्रा भाग-47
एक प्रयास गंगा बचे
गंगा के साथ ही भारत की सभी नदियां  प्रदूषण युक्त है अब कोई नही बची, कुछ नाला बन गई कुछ अगले 10 वर्षों मे बन जायेगी, यह सब सरकारी तंत्र की अनदेखी के कारण हो रहा है जिस देश मे खनन अपराध हैं नदियों से रेत निकले पर प्रतिबंध हैं वहाँ नदियों को गन्दा करना  विकास या धार्मिक रिवायत हैं,पानी के बटवारे पर एक राज्य का दूसरे राज्य से द्वंद हो सकता हैं पर प्रदूषण से किसी को कोई लेना देना नही,है गुजरात ने साबरमती को लेकर पहल भी की जिसके परिणाम भी अच्छे नजर आये मोदी जी की सरकार ने गुजरात में साबरमती नदी के बचाव अभियान को विशेषतौर पर एक सफलता की कहानी के रूप में विजयरथ माना लेकिन क्या सच यह सफल अभियान था। साबरमती के पुनरुद्धार की बात करें तो कुल 350 किमी लंबी नदी में से अहमदाबाद शहर से होकर गुजरने वाली महज 10.5 किमी नदी पर काम हुआ है। बाकी का क्या, क्या साबरमती नदी अहमदाबाद तक ही सीमित हैं क्या कही और इस नदी मे प्रदूषण नही है..? 350 कि. मी. लम्बी नदी के 10,11 कि. मी. उधार होना कोई बड़ी बात नही ,जब कि यह काम भी नदी के बाढ़ के मैदानों की कीमत पर संभव हो पाया है। इस तरह यह एक मिथक से ज्यादा कुछ नहीं है। यहां तक कि साबरमती में मौजूद पानी भी इस नदी का नहीं है बल्कि इसमें नर्मदा का पानी एक नहर के जरिये लाया गया है जो अहमदाबाद के उत्तर से होकर गुजरती है। जब मोदी जी, आडवाणी जी ने इसका उदघाटन की हमे भी लगा कि एक नदी को जीवन तो मिला पर ..?साहब स्पष्ट है कि जब साबरमती नदी का ठीक ढंग से कायाकल्प नहीं हुआ है तो कैसे इसे अन्य नदियों के लिए एक रोल मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया जा सकता है?  गंगा जी  सही अर्थों में तभी पुनर्जीवित होगी जब सही रूप से  समस्याओं को समझा जाये, और एक क्रांति की तरह उसे हल किया जाए। वह होगा रोल मॉडल,कोई भी नदी तब तक  प्रदूषण मुक्त नही हो सकती जब तकजब मुख्य नदी धाराओं की तरह ही उनकी सहायक नदियों पर भी पर्याप्त ध्यान दिया जाएगा, आधा काम यही से बिगाड़ता हैं अतः यही से सुधरेगा,जब शशक्त कानून के माध्य से उनकी प्रवाह और बाढ़ के मैदानों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी, तभी गंगा का पुनरुद्धार, हो सकता हैं जो हो कारगर हो केवल सरकार की तरफ से नदी सफाई अभियान न बने,वास्तव में एक जन आंदोलन की आवश्यकता है तभी भारत की नदियों को वास्तव में बचाया जा सकेगा।

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