Friday, June 8, 2018

मेरी गङ्गा यात्रा भाग-39

मेरी गङ्गा यात्रा भाग-39
एक प्रयास गङ्गा बच जाये
मित्रो आज पुनः एक साल बाद गङ्गा यात्रा आरम्भ कर दी हैं हो सकता हैं कुछ बातें ऐसी भी हो जो पहले कहि जा चुकी हो कृपया ऐसे मे  इस प्रयास को पुनः का रिवीजन मान ले क्यो की कुछ भूल जाये ऐसा न हो क्योंकि प्रश्न मा गङ्गा के अस्तित्व का है और यहाँ आप और हम ही मिलकर प्रयास को सार्थक कर सकते है चलिये आगे बढ़ते हैं जैसा कि आप जानते है गङ्गा भारत की सबसे महत्वपूर्ण नदी है यह केवल एक नदी नही हिन्दुओ के लिए पूजनीय और वन्दनीय है. यह नदी जन जन की घार्मिक आस्था से भी जुड़ा है जिसके कारण इसका महत्व काफी बढ़ जाता है. गंगा नदी का जल शुद्ता और पवित्रता का प्रतीक माना जाता है. विज्ञान के अनुसार गंगा के जल मे कीड़े नही पड़ते, यह सालो साल सँजो कर रखा जा सकता हैं गंगा नदी गंगोत्री हिमनाद से निकलती है. इसकी लम्बाई 2,525 कि. मी. है. गंगा नदी भारत की प्राकृतिक संपदा ही नही बल्कि यह जन-जन के भावनात्मक आस्था से भी जुड़ा हुआ है. इस नदी के जल में बैक्टीरियोफेज नमक विषाणु पाए जाते है जिसके कारण हानिकारक जीवाणु और अन्य सूक्ष्म जीव जीवित नही बचते है. गंगा नदी भारत के सभी नदियों में सबसे पबित्र नदी मानी जाती है और ऐसा माना जाता है कि इसमे स्नान करने से सारे पाप और दुःखो का नाश हो जाता है.इसमे मछलियों की 140 प्रजातियाँ, 35 सरीसृप तथा इसके तट पर 42 स्तनधारी प्रजातियाँ पाई जाती हैं. इसके तटीय क्षेत्र काफी ही सुन्दर और शांति पूर्ण है जिसके कारण देश और विदेश के पर्यटक को अपनी तरफ आकर्षित करता है.गंगा नदी के किनारे बहुत सारे तीर्थ स्थल है जिसमे वाराणसी और हरिद्वार मुख्य है.
इलाहाबाद और हल्दिया के बीच (1600 कि. मी.) गंगा नदी जलमार्ग को राष्ट्रीय जलमार्ग घोषित किया गया है.
डालफिन और शार्क भी गंगा नदी में पाए जाते है और बहते हुए पानी में शार्क का मिलना देश विदेश के वैज्ञानिको को आकर्षित करता है.भारत और बांग्लादेश की कृषि में गंगा नदी का बहुत बड़ा सहयोग है. इस नदी से कृषि क्षेत्रो की सिचाई के लिए पूरे साल जल मिलता है. गंगा नदी राफ्टिंग के लिए काफी प्रसिद्ध है. यहा पर बड़ी संख्या में पर्यटक राफ्टिंग करने आते है.

No comments:

Post a Comment