Sunday, September 16, 2018

मेरी गंगा यात्रा भाग-86

मेरी गंगा यात्रा भाग-86
इक प्रयास गंगा बचे
यू तो बाढ़ और पानी भरना कोई नही बात नही है हर वर्ष गंगा आदि नदियों मे बाढ़ आती ही हैं किंतु इस वर्ष नदियों कुछ ज्यादा ही क्रोध पर नजर आती हैं सावन के बाद भादो भी आ गया पर गंगा और सभी नदियों आज भी उफ़ान पर हैं इस बार इस बार वर्षों का रिकॉर्ड ही टूटता नजर आ रहा है उतर प्रदेश के बाद मध्य प्रदेश के बाणसागर डैम से पानी छोड़े जाने के बाद बिहार में सोन और गंगा नदी उफान पर है. रोहतास में इसके कारण सोन नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और इंद्रपुरी स्थित सोन बराज पर पानी का दबाव काफी बढ़ गया है. या यूं कहै कि डैम पर भी खतरा आ रहा हैं रोहतास, अरवल, पटना और आस-पास के जिलों में अलर्ट घोषित किया गया है.सोन नदी के तटीय इलाकों में जिला प्रशासन ने हाई अलर्ट घोषित किया है. इंद्रपुरी के बराज से बीती रात 2 लाख, 55 हज़ार क्यूसेक अतिरिक्त पानी सोन नदी में छोड़ दिया गया है. इसके अलावा पूर्वी तथा पश्चिमी नहरों में भी लगातार पानी छोड़ा जा रहा है ताकि बराज पर पानी का दबाव कम हो और.बाणसागर डैम से लगातार पानी छोड़े जाने के कारण सोन बराज के जल ग्रहण क्षेत्र में पानी का दबाव बढ़ता जा रहा है. 3 लाख 55 हजार क्यूसेक पानी अभी भी बराज में स्टोर है. डेहरी के सिविल एसडीओ कुमार गौतम ने बताया कि बाणसागर से सोन नदी में पहुंच रहे अतिरिक्त पानी को देखते हुए सोन तटीय इलाकों को हाई अलर्ट किया गया है तथा लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है.नदियों के बढ़ते जलस्तर के कारण बिहार की राजधानी पटना समेत कई जिलों पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है. बाढ़ का सबसे ज्यादा खतरा उन शहरों पर है जो सोन और गंगा नदी के के किनारे बसे हैं. दरअसल मध्यप्रदेश बाणसागर डैम में जलस्तर बढ़ने पर 5.5 लाख से 7 लाख क्यूसेक तक पानी छोड़ रहा है. इस डैम से पानी छोड़ने की शुरुआत शुक्रवार की रात से ही हो गई.एक साथ भारी मात्रा में पानी आने से बिहार में भारी तबाही हो सकती है.  बाढ़ से पहले ही हालात की इस गंभीरता को देखते हुए जल संसाधन विभाग के प्रधान सचिव त्रिपुरारी शरण ने मध्यप्रदेश के अधिकारियों से बात की है. जानकारी के मुताबिक उनके अनुरोध पर मध्यप्रदेश शासन ने एक बार की बजाय कई चरणों में में पानी छोड़ने का भरोसा दिया है.बिहार में गंगा का जलस्तर पटना, भोजपुर और भागलपुर में खतरे के निशान से ऊपर है. बिहार में ही सोन का पानी आखिर में गंगा में आकर मिलता है जिससे बाढ़ का खतरा लगातार बढ़ रहा है.बाणसागर में जलस्तर प्रति घंटे 7 सेमी बढ़ रहा है. पटना में ही गंगा नदी के उफान पर होने के कारण तटीय इलाके पर बसे लोग बाढ़ से खतरा महसूस कर रहे हैं. पटना जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में भी नदियों का पानी प्रवेश करने लगा है.

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