मेरी गंगा यात्रा भाग-84
इक प्रयास गंगा बचे
"मित्रों कल तक सहते थे अपनो की रुसवाइयों,अब गैरो की बारी है"आप सभी के से स्नहे और प्रेम करने वालो के लिये यह जानकारी क्या है आओ पर ही छोड़ता हूं एक बार फिर से गंगा जी की जलधारा को विश्व की सबसे से प्रदूषित नदी का ताज पहनाया गया हमारे लिये ये शर्म की बात है आप अपनी स्वयं सोचे आजकल में आई आईएएनएस न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार भारत की सबसे प्राचीन और लंबी नदी गंगाजी जो उत्तराखंड के हिमालय के गोमुख नामक स्थान पर गंगोत्री हिमनद से निकलती है. गंगा के इस उद्गम स्थल की ऊंचाई समुद्र तल से 3140 मीटर है. उत्तराखंड में हिमालय से लेकर बंगाल की खाड़ी के सुंदरवन तक गंगा विशाल भू-भाग को सींचने वाली गंगा भारत में 2,071 किमी और उसके बाद बांग्लादेश में अपनी सहायक नदियों के साथ 10 लाख वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल के अति विशाल उपजाऊ मैदान की रचना करती हैं गंगा की भलाई के लिए चाहे मोदीजी की केंद्र सरकार ने नमामि गंगा जैसी परियोजना के जरिए भारी-भरकम धनराशि खर्च करने के बात कही हो, बावजूद इसके देश की सबसे इस पवित्र नदी की सेहत नहीं सुधर रही है.दिन प्रतिदिन और हालात बिगड़ रहे है गंगा प्रदूषण के आंकड़ों का ग्राफ गरीब देश की महंगाई की तरह आकाश को छू रहे है अंतरराष्ट्रीय स्तर के इस एनजीओ वर्ल्ड वाइड फंड (डब्ल्यूडब्ल्यूएफ)wwf ने इसे दुनिया की सबसे संकटग्रस्त नदी करार दिया है.वह भी तब जब आज गंगा प्रदूषण पर जाग्रति बढ़ रही हैं भारत के 90% लोग गंगा जी को प्रदूषण मुक्त देखना चाहते है हजारों सरकारी तथा गैर सरकारी संगठन गंगा जी पर प्रयास कर रहे है तब ऐसे में यह रिपोर्ट शर्म की बात है..? इसके पीछे तर्क देते हुए संगठन ने कहा है कि गंगा विश्व की सबसे अधिक संकटग्रस्त नदी इसलिए है, क्योंकि लगभग सभी दूसरी भारतीय नदियों की तरह गंगा में भी लगातार पहले बाढ़ और फिर सूखे की स्थिति पैदा हो रही है. यहां संगठन ने प्रदूषण की बात को नजरअंदाज नही किया, यह बात अंतरराष्ट्रीय संस्था ने कही हैं अतः विश्व के समान भारत के प्रयासों की साख गिरेगी, अंतरास्ट्रीय संगठन का गंगा को लेकर जारी यह बयान सरकार के लिए झटका माना जा रहा.मोदी जी और भाजपा सरकार को इसे गम्भीर ता से लेना होगा गंगा मोदीजी चुनावी मुद्दओ मे से एक था और अगले चुनाव मे भी विशेष रहने वाला है गंगा जी हिंदुत्व की ही नही राष्ट्र की भी धरोहर हैं
Sunday, September 16, 2018
मेरी गंगा यात्रा भाग-84
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment