Sunday, September 16, 2018

मेरी गंगा यात्रा भाग-83

मेरी गंगा यात्रा भाग -83
इक प्रयास गंगा बचे
इलाहाबाद प्रयागराज की संगमनगरी में अब बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। गंगा और यमुना का जलस्तर शनिवार से और  तेजी से बढ़ारहा हैं गंगा यमुना दोनों ही नदियां खतरे के निशान की तरफ बढ़ रही हैं। नजदीकी कई तटवर्ती इलाकों में पानी करीब करीब पहुंच ही गया है। इससे क्षेत्र के संबंधित इलाके में खलबली मची है।जिला प्रशासन ने भी सतर्कता बरतने के निर्देश दे दिए हैं।
प्रशासन द्वारा शुक्रवार से शनिवार शाम तक यमुना के जलस्तर में 19 सेमी तथा गंगा के जलस्तर में आठ सेमी की बढ़ोतरी दर्ज की गई थी जैसा आप जानते ही कि इलाहाबाद में खतरे का निशान 84 मीटर है। सिंचाई विभाग (बाढ़ प्रखंड) के अधिशासीअभियंता मनोज कुमार सिंह ने बताया कि जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। मध्य प्रदेश में बारिश से केन और बेतवा नदियों का पानी यमुना में पहुंच रहा है। बुंदेलखंड में बरसात का पानी चंबल समेत अन्य छोटी नदियों से यमुना में आ रहा है। उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बारिश के बाद टिहरी और नरौरा बांध से रोज भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने से गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी हो रही है। टोंस और बेलन नदियों में भी पानी बढ़ रहा है। यमुना किनारे बसे मड़ौका, महेवा, पालपुर, बसवार तथा गंगा किनारे छतनाग, बजहा, मवैया, लवायन, मनैया, रवनिका, कबरा, डीहा, रामपुर सेमरहा, दुमदुमा,नरौरा बाध से 1.86 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद लगातार बढ़ता गंगा का जलस्तर रविवार सुबह आठ बजे खतरे के निशान पर पहुंच गया। वहीं कटरी क्षेत्र के गावों में बाढ़ से हालात भयावह हो गए हैं, जाजमऊ में बाढ़ के पानी में डूबने से दो युवकों की मौत हो गई। बिठूर के ख्योरा कटरी गाव में पानी भरने से परिवारों ने सड़क किनारे तंबू लगाए हैं।इन दिनों गंगा का बहाव उफान पर है और तटवर्ती गांवों में बाढ़ के हालात बन गए हैं। रविवार सुबह गंगा का पानी खतरे के निशान पर था।लकटहा आदि गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है। कई मोहल्लों में लोग चिंतितशहर के राजापुर, गंगानगर, बेली कछार, शंकरघाट, चिल्ला, सलोरी, सादियाबाद, दारागंज, नागवासुकि, ककरहा घाट, करैलाबाग आदि इलाकों में गंगा और यमुना का पानी बढ़ने से लोगों की चिंता बढ़ गई है। लोग अपने घरों का सामान समेटने में जुट गए हैं।

No comments:

Post a Comment