Sunday, September 16, 2018

मेरी गंगा यात्रा भाग-85

मेरी गंगा यात्रा भाग-85
इक प्रयास गंगा बचे
सावन का महीना पवन करें शोर भादो ने कर दीं वर्षा ताबड़ तोड़,उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में हो रही लगातार बारिश का कहर अब मैदानी इलाकों में साफ साफ दिखना शुरू हो गया। गंगा व उसकी सहायक नदिया उफान पर हैं और गंगा जी की सहायक नदियां अब उत्तर प्रदेश के रिहायशी इलाकों में पैर पसार चुकी हैं, गंगा जी वैसे ही अपने रौद्र रूप का तांडव कर रही हैं अब आलम यह हैं कि जिससे तटवर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों के मकानों में पानी घुस गया है और यहाँ के लोग पलायन को मजबूर हैं।अस्सी घाट पर नियमित गंगा आरती कराने वाले पुरोहित ने बताया की गंगा का पानी बहुत तेजी से बढ़ने के कारण सब सामान हटा कर सुरक्षित स्थान पर ले जा रहे है। गंगा का जलस्तर तो नहीं रोका जा सकता है इसलिए सब हटा रहे है। अभी तक परेशानी नहीं थी लेकिन अब धीरे धीरे परेशानी बढ़ रही है। शाम तक सड़को पर गंगा का पानी आने की उम्मीद थी जो पूरी हो गई जिसके कारण स्थानीय लोगो को ज्यादा कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा।जिला प्रशासन ने गंगा का रौद्र रूप देखते हुए पहले ही तटवर्ती इलाकों में चेतावनी जारी कर दी थी फिलहाल गंगा का जलस्तर और  बढ़ सकता है। इससे यह अंदाज़ा लगाया जा रहा है कि यदि तटवर्ती इलाकों के निवासियों ने जल्दी सुरक्षित स्थान की तलाश नहीं की तो मुसीबत में घिर सकते हैं। वाराणसी में गंगा का जल स्तर पिछले तीन दिनों से लगातार बढ़ रहा है वाराणसी में अभी गंगा दो सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से बढ़ रही है। केन्द्रीय जल आयोग के अनुसार आज सुबह 8 बजे तक गंगा का जलस्तर 69.01 सेंटीमीटर पर था। ऐसी स्थिति मे गंगा जी मे गिरने वाले सभी नाले बैक मार सकते है ऐसे में गंगा मे मिलने वाला नालो का पानी वापस शहर मे पहुंच जायेगा, वाराणसी के वरुणा नदी के किनारे बसे घनी आबादी वाले कोनिया से लगायत कई मोहल्लों में वरुणा का पानी घुस गया है। बाढ़ के पानी से दहशत में जी रहे क्षेत्रीय निवासी अब धीरे धीरे पलायन को मजबूर हो रहे हैं। कोनिया में इस समय बाढ़ से लगभग 100 घर प्रभावित हुए हैं। गंगा में बाढ़ का विकराल रूप देखकर जिला प्रशासन पहले ही तटवर्ती इलाकों को अलर्ट मोड़ पर कर चुका है। बाढ़ का पानी घुसने की वजह से अपने घरों से पलायन कर रहे हैं। शहर के कोनिया मोहल्ले में वरुणा नदी अपना पांव पसार चुकी हैं गंगा में उफान के कारण उनकी सहायक नदियों ने रौद्र रूप अपना लिया है। इसमें काशी में बहने वाली वरुणा नदी भी शामिल है। वरुणा नदी में आयी विकराल बाढ़ की वजह से कोनिया से लगायत आस पास के दर्जनों मोहल्लों में लोगों के घरों में बाढ़ का पानी घुस गया हैं इस बाढ़ के पानी की वजह से लोग अपने घरों से पलायन को मजबूर हो रहे हैं।  लगभग 200 मकानों को लोग खाली करके सुरक्षित स्थानों की तरफ पलायित हो रहे है इतनी बाढ़ है कि घरों में जाने के लिए बिना नाव के कोई हिम्मत नहीं कर रहा है।

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