Saturday, September 15, 2018

मेरी गंगा यात्रा भाग-66

मेरी गंगा यात्रा भाग-66
इक प्रयास गंगा बचे
अक्टूबर 2012 में जब मोदी सरकार नही थी और न ही उमाजी मंत्री थी तब उमाजी ने कहा कि एक लाख करोड़ का घोटाला हो गया..? कांग्रेस के राज यह कोई नई बात नही, वही मनमोहन सिंह ने लालकिले के प्राचीर से गंगा बचाने की बात 15 अगस्त को कही थी वो सही हैं कि कांग्रेस जीत ही नही सकी, तब उमा जी का नारा था कि गंगा की सफाई के लिए केंद्र की मनमोहन सरकार तीन हजार करोड़ रुपये नहीं दे रही है। और आज जब उनकी पार्टी की सरकार हैं.? जब वह नमामि गंगा की सर्वेसर्वा थी तब क्या हुआ.? सरकार ने तीन हजार करोड़ दिया..? क्या अब उमा जी गंगा माता के लिये संकट मोचन बनेगी..? गंगा जी को बचाने के लिये आंदोलन करेगी,या सरकार की करनी पर बिल्ली खम्बा नोंचगी,वाली कहावत मात्र होगा केवल विपक्ष मे रहकर सरकार को कोसना इन सन्त नेताओ का काम है यही नही भाजपा की सरकार के आने के बाद सभी हिन्दू आंदोलन विशेषकर गंगा आंदोलन न के बराबर हो गये क्यो, क्या इन्होंने मान लिया गंगा प्रदूषण मुक्त हो गई..?कुछ और हुआ हो या न हो उमा जी से विभाग जरूर छीन लिया गया क्या कमी थी उमा जी..? आपको गंगा को लेकर बड़ा अनुभव था,ऐसा इस लिये हुआ आप ने गंगा को प्रदूषण मुक्त 2018 का संकल्प लिया जो पूरा ही नही हो सकता  क्या सही कारण था..?भाजपा राज मे गंगा मुक्त हो न हो साहब हा काशी के विकास के नाम पर मन्दिरों से मुक्त न हो जाये,जगह जगह टूटते मन्दिर घायल गाय की तरह सच्चे सन्तो को सहमी नजर से निहार रही हैं कोई तो आये कोई तो बचाये,बरहाल गंगा जी की बात पर आते है तब गंगा पर कई बयान उमा और भाजपा के शीर्ष नेताओं ने भी कहे अब अपनी पारी के आते सब  भूल गये उमाजी ने हिंदुत्व का मुद्दा कई बार उछालकर गंगा व गाय की रक्षा को हिंदू समाज का कर्तव्य बताया। गंगा की सेवा को राजनीति सीढ़ी बनाना क्या उचित है फिर भी माँ गंगा आपका कल्याण करें उमाजी आपने कई बार कहा हैं कि गंगा-गाय की रक्षा करके हिंदू समाज अपने अस्तित्व को और शक्तिशाली बना सकता है। क्या यह यह आपके शासन काल मे प्रमाणित हुआ..? क्या गाय और गंगा के लिये कोई कठोर नियम कानून बने,नही तो आपके लिये यही अच्छा होगा मौज आई फकीर की दिया झोंपड़ा फूँक, राजनीति नही धर्मनीति मार्ग उत्तम है

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