Sunday, September 16, 2018

मेरी गंगा यात्रा भाग-82

मेरी गंगा यात्रा भाग-82
इक प्रयास गंगा बचे
इस बार गंगा जी व गंगा जी की सहायक नदियां अपने पूरे उफान पर है सभी अपने खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं जिन बरसाती नालो मे बरसात मे भी कभी कभी पानी नजर आता था वह भी आजकल उफ़ान ही नही तूफ़ान हो रही हैं या यूं कहे  सभी रौद्र रूप मे बह रही हैं वही रामगंगा और गंगा की बाढ़ से तहसील क्षेत्र के करीब 60 गांव घिर गए हैं।शुक्रवार 31अगस्त 2018 को बाढ़ की स्थिति के चलते इसके किनारों पर बसे हजारों ग्रामीणों के सामने खाने-पीने के साथ ही अन्य समस्याएं खड़ी हो गई हैं। कई गांवों में सड़कें कटने से आवागमन में भी दिक्कतें होने लगी हैं। फर्रुखाबाद-बदायूं मार्ग पर करीब दो फीट पानी बह रहा है। इससे बाइकें निकलने में दिक्कत हो रही थी शुक्रवार को गंगा का जलस्तर 137.05 और रामगंगा का 137.40 मीटर पर पहुंच गया। गंगा में 1.86 लाख और रामगंगा में 22 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया। गंगा व रामगंगा में खतरे का निशान 137.10 मीटर पर है। गंगा की बाढ़ से बर्राखेड़ा, महमदगंज, हुसैनापुर, हुसैनपुर, तेरा अकबरपुर और खुटिया समेत करीब 40 गांव और रामगंगा की बाढ़ से करीब 20 गांव घिरे हैं। गांवों के चारो ओर पानी भरे होने से लोग परेशान हैं। यह ऊंचे स्थानों पर चूल्हा रखकर भोजन बना रहे हैं। चारे और भूसे की समस्या खड़ी हो गई है। कलक्टरगंज, जोगराजपुर, करनपुरघाट, अमैयापुर, हीरानगर, भावन, रूलापुर, चपरा, गुड़ेरा, गुलरिया, गहलार और खाकिन मार्गों पर पानी कमर से ऊपर बह रहा है। पानी से होकर ही ग्रामीण और स्कूली बच्चे आवागमन कर रहे हैं। अर्जुनपुर-कड़हर मार्ग कटने से आवागमन प्रभावित हो रहा है। सारे वर्ष हमने गंगा को परेशान किया प्रदूषित करते रहे अब गंगा की बारी हैं तो क्यों परेशान होतो हो अभी भी समय हैं जागो नदियों को प्रदूषित होने से बचायें

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