मेरी गंगा यात्रा-70
इक प्रयास गंगा बचे
मेरी गंगा यात्रा आज 70 वे पायदान पर आ गई हैं जैसा कि आप जानते है गंगा नदी की प्रधान शाखा भागीरथी है जो हिमालय के गोमुख नामक स्थान जो कि 20 किलोमीटर आगे गंगोत्री से है यह हिमनद से निकलती है। गंगा के इस उदगम स्थल की ऊँचाई 3140 मीटर है। यहाँ गंगा जी को समर्पित एक मंदिर भी है। जिसे गंगोत्री तीर्थ,भी कहते हैं गोमुख शहर से 20 कि॰मी॰ उत्तर की ओर 3892 मी.(12,770 फी.) की ऊँचाई पर इस हिमनद का मुख है। यह हिमनद 25 कि॰मी॰ लंबा व 4 कि॰मी॰ चौड़ा और लगभग 40 मी. ऊँचा है। इसी ग्लेशियर से भागीरथी एक छोटे से गुफानुमा मुख पर अवतरित होती है। इसका जल स्रोत 5000 मी. ऊँचाई पर स्थित एक बेसिन है। इस बेसिन का मूल पश्चिमी ढलान की संतोपंथ की चोटियों में है। पुराणिक मान्यता के अनुसार कैलाश मानसरोवर भी कहा जाता है गौमुख के रास्ते में 3600 मी. ऊँचे चिरबासा ग्राम से विशाल गोमुख हिमनद के दर्शन होते हैं। इस स्थान पर चीड़ के पेड़ होने के कारण इसका नाम चीड़ वासा हैं गोमुख से पहले के पड़ाव को जो कि लगभग 4,5 की लो मीटर हैं भोजवासा हैं यहा भोज पत्र के पेड बड़ी मात्रा मे पाये जाते है इसलिये इसे भोजवासा कहते हैयह सरकारी रिसर्च सेंटर व बंगाली बाबा का आश्रम भी हैं जहाँ रात्रि विश्राम किया जा सकता हैं गोमुख पर कोई व्यवस्था नही है इस हिमनद में नंदा देवी, कामत पर्वत एवं त्रिशूल पर्वत का हिम पिघल कर आता है। यद्यपि गंगा के आकार लेने में अनेक छोटी धाराओं का योगदान है लेकिन छह बड़ी और उनकी सहायक पांच छोटी धाराओं का भौगोलिक और सांस्कृतिक महत्त्व अधिक है।2007 की एक संयुक्त राष्ट्र रिपोर्ट के अनुसार हिमालय पर स्थित गंगा की जलापूर्ति करने वाले हिमनद की 2030 तक समाप्त हो जाने की आशंका है। इसके बाद नदी का बहाव मानसून पर आश्रित होकर मौसमी ही रह जाएगा।गंगा को निर्मल और अविरल बनाने के काम पर लगभग 40 से 50 हजार करोड़ रुपये तक का खर्च आने का अनुमान है। जबकि सरकार ने फिलहाल इस काम के लिए 20 हजार करोड़ रूपए आवांटित किए गए हैं। गंगा को स्वच्छ करने में पांच साल का समय लगने की उम्मीद है ऐसा सरकार का मानना है जो असम्भव हैं जब कि वादे के अनुसार चार वर्ष पूरे भी हो गये हैं 2019 लक्ष्य था अब सब अगले चुनाव के परिणाम पर निर्भर करता है जबकि उसके घाटों के सौंदर्यीकरण व परिवहन की समूची योजना के क्रियान्वयन में लगभग डेढ़ दशक लग सकते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि गंगा की स्थिति दुनिया की अन्य नदियों से भिन्न है। तथा इसकी गिनती दुनिया की सबसे अधिक प्रदूषित नदियों मे की जाती हैं
Saturday, September 15, 2018
मेरी गंगा यात्रा भाग-70
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment