Monday, November 18, 2019

मेरी गंगा यात्रा भाग 99

मेरी गंगा यात्रा भाग 99
एक प्रयास गंगा बचे
गंगा के अपार प्रदूषण, उसके व्यवसायीकरण और सफाई के एक के बाद एक सरकारी तथा गैर सके
सरकारी अभियानों के बीच केंद्र सरकार ने 2018 मे दावा था कि मार्च 2019 तक गंगा 80 फीसदी तक साफ हो जाएगी. पर ऐसा हुआ नही आज भी जब 2019 भी समाप्ति की ओर है गंगाजी की गंदगी को देखकर ये लक्ष्य उम्मीद से अधिक संदेह पैदा लगता हैं, लगता हैं कि गंगा जी 2024 तक भी प्रदूषण मुक्त नही हो सकती
वही केंद्रीय जल संसाधन मंत्री नितिन गडकरी का कहना था गंगा 70-80 प्रतिशत साफ हो जाएगी. उनके मुताबिक ये कहना गलत है कि नमामि गंगे प्रोजेक्ट के तहत कुछ खास काम नहीं हुआ क्योंकि चार साल में अभियान के नतीजे दिखने लगे हैं. पर मुझे लगता हैं नतीजे कागज़ो में दिख रहे है धरातल पर तो कुछ बदलाव नही आता,राष्ट्रीय गंगा सफाई मिशन (एनएमसीजी) के तहत करीब 21 हजार करोड़ रुपए की कुल 195 परियोजनाएं संबद्ध राज्यों में चलाई जा रही हैं. सरकार का दावा है कि सफाई के वृहद अभियान का ही नतीजा है कि गंगा के जलस्तर में उसकी सेहत का अंदाजा लगाने वाले तीन पैमानों पर सुधार हुआ है- बायोकेमिकल ऑक्सीजन डिमांड (बीओडी), डिसॉल्व्ड ऑक्सीजन (डीओ) और कोलिफोर्म. 2016 के मुकाबले 2017 में गंगा प्रवाह के 80 स्थानों पर जलस्तर में सुधार पाया गया. 33 जगहों पर डीओ स्तर बेहतर हुआ है तो 26 जगहों पर बीओडी लेवल सुधरा है. तीस जगहों पर कोलीफोर्म बैक्टीरिया काउंट में गिरावट आई है. लेकिन 2500 किलोमीटर लंबी नदी के लिए ये आंकड़ा पर्याप्त नहीं है.पर आज क्या सही स्थिति हैं वह अवगत नही हैं  कृपया मंत्री मेरी गंगा यात्रा का पिछले भाग को पढ़ तो सच से अवगत हो जायेंगे

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