Monday, November 18, 2019

मेरी गंगा यात्रा भाग 98

मेरी गंगा यात्रा भाग 98
इक प्रयास गंगा बचे
"यू तो कुछ नया नही गंगा की चर्चा के सिवा, 
बस पगला गया हूं मैं भी मजनूं की तरह,..
आप भी कहते होंगे कुछ और लेख या चर्चा करो पर, मित्रों यहाँ तो केवल गंगा और प्रदूषण की चर्चा ही होगी यह तो जीवन ही गंगा जी को समर्पित हो ,सच गर ऐसा हो फिर कोई ग़म नही, युगों से निर्मल बहती गंगा आज प्रतिकार कर रही हैं मिटती गंगा का आवाहन हैं कि मेरा मिटता अस्तित्व संस्कृति के एक सुंदर अध्याय का अंत होगा सौ वर्षों से लगातार बढ़ते प्रदूषण के कारण कई विषाक्त तत्वों का जहर गंगा नदी में लगातार घुल गया है। सौ वर्षों मे गंगा और नदियां नाला और मैला ढोने का जरिया रह गई हैं वही बीएचयू के वैज्ञानिकों ने अब एक अध्ययन में पाया है कि नदी के तलछट में मौजूद सूक्ष्मजीवों की एंजाइम क्रियाएं गंगा में भारी धातुओं के प्रदूषण का पता लगाने में मददगार हो सकती हैं।अगर ऐसा है तो यह अच्छी खबर हो सकती हैं वह कहते है कुल कार्बनिक कार्बन, नाइट्रेट, अमोनियम, फास्फेट जैसे पोषक तत्वों, कैडमियम, लेड, निकेल, क्रोमियम, जिंक एवं कॉपर जैसी भारी धातुओं और प्रोटिएज, फॉस्फेटेज, एफएडीएज, ग्लूकोसाइडेज जैसे सूक्ष्मजीव एंजाइमों के बीच अन्तरक्रियाओं की पड़ताल करने के बाद बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के शोधकर्ता इस नतीजे पर पहुंचे हैं।अध्ययनकर्ताओं के अनुसार पोषक तत्वों, भारी धातुओं और कुल कार्बनिक कार्बन की मात्राओं में विविधता का मुख्य कारण मानवजनित गतिविधियां हैं। नदी तलछटों में पोषक तत्वों और कार्बन के बढ़ने से जैविक एंजाइम गतिविधियां बढ़ जाती हैं। हांलाकि, कुछ ऐसे भी स्थल पाए गए हैं, जहां पोषक तत्व ज्यादा होने के बावजूद वहां एंजाइम क्रियाएं कम थीं। इसके लिए वहां भारी धातुओं की अत्यधिक मात्रा को जिम्मेदार माना जा रहा है, जो इन जैविक क्रियाओं को सीमित कर देती हैं। भारी धातुएं यहां पोषक तत्वों की जैव उपलब्धता को भी कम कर देती हैं। नदी तलछटों में सूक्ष्मजीव एंजाइम क्रियाओं पर भारी धातुओं के जैविक प्रभावों को समझना एक महत्वपूर्ण वैज्ञानिक चुनौती है। जलीय पारिस्थितिकी प्रणालियों में नदी तलछटों में सूक्ष्म जैविक समुदाय ऊर्जा के प्रवाह, पोषक चक्रों और कार्बनिक पदार्थों के विघटन को विनियमित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। अतः नदी के तलछटों में संचयित पदार्थों के साथ सूक्ष्मजीव क्रियाओं को जोड़ना क्षेत्रीय मानवजनित प्रदूषण के कारणों को समझने का एक संवेदनशील सूचक हो सकता है।

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